STORYMIRROR

Shraddhanjali Shukla

Others

2  

Shraddhanjali Shukla

Others

धोखा

धोखा

1 min
169

आँखों देखा झूठ है, कान सुने है झूठ।।

जो सच बयाँ करूँ कभी, अपने जाते रूठ।।

अपने जाते रूठ, खेलते खेल निराले।

पल पल देखो यार, नए दे रहे हवाले।

जाने हम हर राज, अजी वो किस्से लाखों।

कर देते हैं राज, बयाँ वो आँखों आँखों।


Rate this content
Log in