*बसंतऋतू राज*
*बसंतऋतू राज*
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बसंतऋतू
बसंत की आमद है,
हर बगिया में फूलों की बहार है,
रंग- बिरंगे फूलों की बहार है मोगरा,
चमेली, जूही, चम्पा,
से महकी है मेरी बगिया
बसंतऋतू की आमद से
बगिया में ख़ुश गवार रौनकें हैं,
आज मौसम भी सुहाना है,
बगिया में झूले पड़े हैं,
अमिया पर भी बौर ,
की आमद से कोयल
कुहूकूहु-कुहुकूहु गीत गाए
मधुर वाणी गुंजे है
बसंतऋतू राज की आमद है!
