बसंत आया, युवाओं में जोश लाया।
बसंत आया, युवाओं में जोश लाया।
बसंत के आने का वक्त हुआ,
बच्चों और युवाओं में पतंगबाजी
का खुमार चढ़ा,
सुबह उठे,
हुए तैयार,
पतंग और डोर लिए हाथ,
चले गए,
खुले मैदान में,
देखा हवा का रुख,
चढ़ा दी पतंग उस तरफ,
फिर शुरू हुई,
पतंगों की लड़ाई,
किसी का काटा,
किसी ने खोया,
किसी ने पाया,
बस ये दिन भर का
सरमाया।
युवाओं के अलग
तरह के किस्से,
चढ़ा दो पतंग,
प्रेमिका के घर के उपर,
बनाओ चिट्ठी,
भेजो डोर के द्वारा,
जैसे ही पहुंचे उपर,
पतंग कटवा लो,
प्रेमिका द्वारा।
पतंग आ जाएगा,
प्रेमिका के हाथ,
और साथ में,
प्रेम की सौगात।
ऐसा संचार माध्यम,
भला दुनिया में कहां,
बस भारत के हर
मैदान और लैंटर पे
मिल जाता।
इस तरह बसंत आता,
और चौगुना जोश दे जाता।
