थोड़ा बेचैन हूँ मैं,ज़रा सी प्यास मन में है।लौट कर गांव से अपने,सपनों के शहर में आया हूँ। थोड़ा बेचैन हूँ मैं,ज़रा सी प्यास मन में है।लौट कर गांव से अपने,सपनों के शहर में आ...
दिल से समर्पित यह कविता उनके लिएजो अमूल्य है मेरे लिए, अमूल्य इस दुनिया के लिएशिक्षक जो है धरती का स... दिल से समर्पित यह कविता उनके लिएजो अमूल्य है मेरे लिए, अमूल्य इस दुनिया के लिएशि...
नन्ही नन्ही कदमें जब आंगन में चलती है, कभी पायल की रुनझुन यूँ कानो में पड़ती है, वो बचपन की किलकार... नन्ही नन्ही कदमें जब आंगन में चलती है, कभी पायल की रुनझुन यूँ कानो में पड़ती है...
माँ के खो जाने का ग़म.................... माँ के खो जाने का ग़म....................
बाल मज़दूरी के एक कविता। बाल मज़दूरी के एक कविता।
यदि निस्वार्थ प्रेम यही है तो प्रेम "प्रेम" के नाम पर कलंकृत है। यदि निस्वार्थ प्रेम यही है तो प्रेम "प्रेम" के नाम पर कलंकृत है।