भारत की शान हिमालय
भारत की शान हिमालय
एक दिन बिताना है हिमालय की गोद में
उसकी खूबसूरती को कैसे बयां करु अल्फाज़ो में।
बसी है उसकी एक तस्वीर मेरे तसव्वुर में
वो सुंदर वादियां बसी हैं मेरे ज़हन में।
ऐसे हैं उसके नज़ारे कैद करने हैं तस्वीरों में
वो बर्फीले पहाड़ो की चोटिया ठंड देती है आँखों में।
वो पहाड़ों पर फैला हुआ जंगल जैसे ज़िंदगी यही है
उस जन्नत को अब बसाना है अपने मन में।
वहाँ जाके समझ पाऊं मैं ख़ुद को ख़ुद मे
उस ख़ुदा को महसूस कर पाऊं बंदगी में।
जीवन औषधियां मिलती हैं उसकी श्रृंखलाओं में
उल्लेख है उसका भारतीय ग्रंथ गीता में।
भारत की शान है अचल खड़ा है हर तूफ़ां में
पृथ्वी में रहकर भी स्वर्ग है ऐसी तेरी कशिश है पूरी दुनिया में।
