भाई बहन का प्यार
भाई बहन का प्यार
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कच्चे धागों से बँधता, निर्मल निश्चल प्रेम महान ।
भाई तो होता है , हर बहना का अभिमान ॥
सूत हो या रेशम का तार , ले दिल में प्रेम अपार ।
राह तके भाई की बहना, ऐसा पावन यह त्योहार ॥
सजल नयनों में सजते हैं ,जीवन के वो बीते कल ।
कितना भी लड़े -झगड़े ,पर रहते संग हर पल ॥
राखी सजे कलाई पर ,मस्तक पर टीका चन्दन ।
भाई बहन के प्रेम का ,पावन त्योहार है रक्षाबंधन ॥
