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Pinki Khandelwal

Others

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Pinki Khandelwal

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बेटी की विनती...।

बेटी की विनती...।

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लाखों मिन्नतें की,

मत मारो मुझे,

मैं भी दुनिया में,

आना चाहती हूं,

इस दुनिया को,

देखना चाहती हूं।


इस पर मां का सुंदर जबाव - 


कैसे आने दूं तुझे,

इस संसार में मेरी लाडो,

तुझे पाकर भी खो देने से ड़रती है ये मां,

यह संसार तुम्हारे लिए नहीं बना बेटी,

रूह कांप जाती है मेरी,

फिर होता देख,

बेटी के साथ अन्याय,

अब नहीं सह पाएगी यह मां मेरी बेटी,

क्योंकि यहां लोग नहीं मेरी लाडो,

राक्षस है, राक्षस,

इसलिए डरती है ये मां,

तुझे इस दुनिया में लाने से।



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