बेफिक्री की चादर
बेफिक्री की चादर
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जिंदगी है हसीन मायूस न होया करो
मिली है यह तो हमेशा मुस्कुराया करो
अंतर्द्वंद्व के थपेड़ों से निकल कर
इस दिल को बहलाया करो
मन न माने तेरी बात तो
कुछ लालच दे इसे बहलाया करो
मुरझाए कभी यह दिल तो
चांदनी रात में थपकी दे सुलाया करो
आए मनमीत की याद तो
यादों के सागर में डुबकी लगाया करो
जिंदगी की नाव डगमगाए कभी तो
पतवार को सख्ती से थामा करो
समझ न आए जिंदगी कभी तो
बेफिक्री की चादर ओढ़ लिया करो
