STORYMIRROR

रागिनी सिंह

Others

2  

रागिनी सिंह

Others

बेंच

बेंच

1 min
351

बैठे हैं आज अहम के चश्में सम्भाल कर

मासूमियत स्कूल के बेंच पर रह गई।

अब भी तलाशता हूँ, वो अनसुनी सी बात,

चुपके से कानो में, क्या दोस्त कह गयी।


Rate this content
Log in