STORYMIRROR

Sandeep Saras

Others

2  

Sandeep Saras

Others

बदमाश उंगलियों में

बदमाश उंगलियों में

1 min
172

देखे तुझे जो कोई मन में जलन हुई है।

मासूम भावना क्यों फिर बदचलन हुई है।

फूलों की कामना में काँटों को छेड़ बैठा,

बदमाश उंगलियों में अब तक चुभन हुई है।



Rate this content
Log in