बधाईयाँ
बधाईयाँ
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अब ना हो कोई मायूसी, ना कोई गिला कभी रखना,
बस खुश रहना और खुशियों से यूँ ही सदा मिला करना,
जब भी ख्याल कोई आए, लिख देना तुम हाल-ए-दिल,
सब किस्से, कहानी, कविता यूँ ही तुम लिखती रहना,
खूब लुटाना उन पर प्यार, रखना तुम अपना भी ध्यान,
सबको खुश रखने में भूल ना जाना अपने सब अरमान।
