STORYMIRROR

shiv pandey

Others

4  

shiv pandey

Others

बारिशें हो तो...!!

बारिशें हो तो...!!

1 min
236

बारिशें हों तो भीग जाया कर

खुद को इतना न बचाया कर


तुझे हर कोई चाँद नहीं कहेगा

मेकप का खर्चा न कराया कर 


खुद की गलती भी मान कभी

हर बात पे आँसु न बहाया कर 


इन हसीं ओठों का क्या करेगी

बातों बातों मे भी मुस्कुराया कर


धूप को क्यों करती हो मायूस तुम

छत पर कपड़े सुखाने आया कर


ठहर कुछ पल धूप में मेरे लिए

मेरी नज़रों से नजरें मिलाया कर


माना देखता हूँ तूझे बेवजह मै 

ये बात सखी को न बताया कर


तेरे लिए जाता हूँ मंदिर हर दिन 

तू भी मेरे साथ मंदिर आया कर


तेरे लिए मानाता हूँ भगवान को

मेरे लिए तू भोले को मनाया कर


तू न लगा दिल भले ही मुझसे

कम से कम हाथ तो मिलाया कर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन