STORYMIRROR

Kajal Nayak

Others

2  

Kajal Nayak

Others

बाल गीत

बाल गीत

1 min
79

गणित के सवालों सा उलझा हुआ मैं

व्यर्थ चिंतित होकर सारा दिन खोजता

रहता हूँ हल,

और तुम,

तुम सहज किसी बाल गीत की तरह

जिसे पढ़कर होती रही चिंताए दूर मेरी

जिसे देखने भर से आ जाती मेरे

अधरों पर मुस्कुराहट.....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन