बाल गीत
बाल गीत
1 min
79
गणित के सवालों सा उलझा हुआ मैं
व्यर्थ चिंतित होकर सारा दिन खोजता
रहता हूँ हल,
और तुम,
तुम सहज किसी बाल गीत की तरह
जिसे पढ़कर होती रही चिंताए दूर मेरी
जिसे देखने भर से आ जाती मेरे
अधरों पर मुस्कुराहट.....
