STORYMIRROR

Ritesh Maurya

Others

3  

Ritesh Maurya

Others

अरमान

अरमान

1 min
95

 हमने जो देखे थे अरमान,
धीरे–धीरे अब चकना चूर होंगे,
हमारे भी थे कुछ दस्तूर,
तुम्हारे भी थे कुछ दस्तूर 
तुम्हारा भी किसी की बाहों में घर होगा,
हम भी किसी की मांग का सिंदूर होंगे


Rate this content
Log in