अनमोल दोस्ती
अनमोल दोस्ती
1 min
148
बिना कुछ कहे समझते हैं हर बात ,
दोस्त इबादत होते हैं।
गुलशन नहीं, चमन नहीं,
सारी कायनात होते हैं।
मंदिर में पूजा, मस्जिद में सजदे,
की क्या जरूरत
वह खुद राम रहीम होते हैं।
मुस्कुराहटों के मौसम खिले रहते हैं चेहरों पर,
जब भी हम उनके साथ होते हैं।
कहां कुछ सोचना पड़ता है उनसे कहने को ,
दिल के राजदार होते हैं।
कुछ अनमोल अटूट रिश्ते हैं यह,
बस प्यार, समर्पण, भरोसे की नीव पर
बनाए रखें इन्हें तो
यह जिंदगी भर बरकरार रहते हैं।
