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Neha Pandey

Others

2.5  

Neha Pandey

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ऐ बारिश

ऐ बारिश

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बचपन में तेरे संग खेला है

पर अब तुझे महसूस किया है,

ऐ बारिश 

मैंने तुझसे दिल लगाया है।


वो दौर था कागज़ की नाव का 

अब दिल की कश्ती बहाया है,

ऐ बारिश 

मैंने तुझसे दिल लगाया है।


पहले सिर्फ़ तन भीगा करता था 

अब रूह को मेरी भिगोया है,

ऐ बारिश

मैंने तुझसे दिल लगाया है।


पहले ख़ामोश थी बौछारें तेरी

अब बूँदों को बातें करतें पाया है,

ऐ बारिश 

मैंने तुझसे दिल लगाया है।


मौसम-ए-इश्क़ समझकर तुझको

अपना हाल-ए-दिल सुनाया है,

ऐ बारिश 

मैंने तुझसे दिल लगाया है।



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