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Rekha Bora

Children Stories Tragedy

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Rekha Bora

Children Stories Tragedy

आँसू

आँसू

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दुःख में क्रन्दन करते आँसू

  सुख में बहुत लरजते आँसू 

    टूट जाये जब बाँध सब्र का

     हाहाकार  मचाते   आँसू 

      


चोटिल हो तो बहते आँसू

 बोझिल हो तो बहते आँसू 

  और कभी अन्जाने में ही

    भावुकता में बहते आँसू  

    


आँचल कभी भिगोते आँसू 

  काँधा कभी भिगोते आँसू

   सूनी रातों में छुप-छुप कर

    तकिया भी धो जाते आँसू 


फूल कभी बन जाते आँसू

 शूल कभी बन जाते आँसू 

  खारे जल से सींच-सींचकर

   काँटो में  खिल जाते आँसू


दूरी  देकर जाते आँसू 

  स्मृति लेकर आते आँसू 

   जब आती है याद पिया की

    वक्त बेवक्त आ जाते आँसू 


ध्यान - पाठ में बहते आँसू 

 जप - तप करते बहते आँसू 

  ईश्वर के  आगे  नतमस्तक

   गिला शिकवा  करते आँसू


हर्षातिरेक में बहते आँसू 

 कृतज्ञता में बहते आँसू

   मानवीय संवेदनाओं को

     नयनों से  दर्शाते आँसू 


स्वातःसुखाय भी कहते आँसू  

 भयाक्रांत हो  बहते  आँसू

   आवश्यकता होने  पर  भी

    आक्रामकता को रोके आँसू 


भावनाओं का रिश्ता आँसू 

  शुद्ध विचारों का नाता आँसू 

   कमजोरी की नहीं निशानी

     तनाव रहित कर जाते आँसू


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