आ बैल मुझे मार
आ बैल मुझे मार
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आज जो घर से निकला मैं
बेवजह एक पुलिस वाले से
भिड़ गया
मानी नहीं उसकी कोई बात
बदजुबानी पर मैं अड़ गया
खिला दी उसने मुझे हवा
हवालात की
लात, घूंसे मुक्के सब की
आज़माइश की मुझ पे
अपने हाथों अपनी करनी
भुगतुं यार
यही है लगता आ बैल मुझे मार ।।
