अब जुदाई बर्दाश्त के बाहर है, तुझे अपना बना,घर बसा लेने की चाह जबरदस्त है, आ जाओ अब ब अब जुदाई बर्दाश्त के बाहर है, तुझे अपना बना,घर बसा लेने की चाह जबरदस्त है, ...
फूले पलाश बासन्ती गीत गाते अमलतास । फूले पलाश बासन्ती गीत गाते अमलतास ।
क्योंकि अब हल्की आहटों से ही शुरु होता चीखों का नया दौर है ! क्योंकि अब हल्की आहटों से ही शुरु होता चीखों का नया दौर है !
"और शरीर की नश्वरता जीत जाती है आखिरकार अमरता की हमारी दबी-छिपी शाश्वत आकांक्षा से" "और शरीर की नश्वरता जीत जाती है आखिरकार अमरता की हमारी दबी-छिपी शाश्वत आकांक्...
भूल बैठे हैं वो अंधकार में ही ज़्यादा होती है उम्मीद सुबह के होने की। भूल बैठे हैं वो अंधकार में ही ज़्यादा होती है उम्मीद सुबह के होने की।
यहाँ देख गली,गली कीचड़ भरी ,उछल पड़ी है मैं गर रखूं पांव जोर से, सब नुकसान हमारा है, यहाँ देख गली,गली कीचड़ भरी ,उछल पड़ी है मैं गर रखूं पांव जोर से, सब नुकसान हमार...