एक जूनून एक जिद है बस तुम्हें पाने की कर सकता हूं जन्मों जन्म इंतजार कोशिश ना कर मुझे आजमाने की करता हूं बेइंतहा प्यार मैं तुझसे ये बात नहीं अब तुझसे बताने की बस एक तू ही है वजह मेरे जीने मरने की
राखी प्रेम से बँधनी चाहिए, दिखावे से नहीं, दिल से बँधनी चाहिए। रिश्तों में अपनापन हो अगर, तो हर दूरी... राखी प्रेम से बँधनी चाहिए, दिखावे से नहीं, दिल से बँधनी चाहिए। रिश्तों में अपनाप...
कोई मुझसा होगा नहीं कापियाँ करो चाहे जितनी, कोई मुझसा होगा नहीं, मेरी राहों पर चलकर भी, कोई मुझसा होगा नहीं कापियाँ करो चाहे जितनी, कोई मुझसा होगा नहीं, मेरी राहों पर च...
कुछ लोग खुद को ज़मीं और आसमाँ समझने लगे हैं, नादान हैं, न जाने खुद को क्या समझने लगे हैं। कुछ लोग खुद को ज़मीं और आसमाँ समझने लगे हैं, नादान हैं, न जाने खुद को क्या समझने...
रात की पलकें देख रही हैं, जुगनू आँखें खोल रहे हैं, लेकिन है उजियारे जैसा, भोर के पंछी बोल रहे हैं। रात की पलकें देख रही हैं, जुगनू आँखें खोल रहे हैं, लेकिन है उजियारे जैसा, भोर के...
फिर से लिखूंगा सफलता की नई कहानियाँ, <br>रुका नहीं हूँ, बस ठहरी हैं निशानियाँ। <br>अभी मुकम्मल हुआ क... फिर से लिखूंगा सफलता की नई कहानियाँ, <br>रुका नहीं हूँ, बस ठहरी हैं निशानियाँ। <...
हर मोड़ पे इक सबक़ मिला,<br> हर ठोकर पे रुख़ बदल गया, <br>मैं चलता रहा बिना शिक़ायत,<br> बस... हर मोड़ पे इक सबक़ मिला,<br> हर ठोकर पे रुख़ बदल गया, <br>मैं चलता रहा बिना...
ज़्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा,<br>तेरे नाम से बढ़कर कोई श्रुत नहीं होगा।<br>तू जो है तो हर खामोशी ... ज़्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा,<br>तेरे नाम से बढ़कर कोई श्रुत नहीं होगा।<br>तू...
वो राहें अब लगती हैं अजनबी की तरह। वो राहें अब लगती हैं अजनबी की तरह।
फिर धीरे से वह चाँद बांध गया मेरे मन के फिर धीरे से वह चाँद बांध गया मेरे मन के
आज फिर मैं, सो नहीं पाया हूँ शायद, तेरी तस्वीर रूह में बसी है ! आज फिर मैं, सो नहीं पाया हूँ शायद, तेरी तस्वीर रूह में बसी है !