I'm Vivek and I love to read StoryMirror contents.
कभी-कभी यूँ ही ठहरकर सोचता हूँ मैं, मेरे भीतर कितनी ज़िंदगियाँ धड़कती हैं— कुछ अधूरी बातों की सरगोशि... कभी-कभी यूँ ही ठहरकर सोचता हूँ मैं, मेरे भीतर कितनी ज़िंदगियाँ धड़कती हैं— कुछ अ...
दिन भर की भागदौड़, थकान, उलझनें… सब मिलकर आदमी को अंदर से खाली कर देती हैं। और मैं… घर लौटता हूँ तो ... दिन भर की भागदौड़, थकान, उलझनें… सब मिलकर आदमी को अंदर से खाली कर देती हैं। और म...
ज़िंदगी, वादा है तुमसे — तुम्हारे सारे सफ़े भर कर जाऊँगा, ज़िंदगी, वादा है तुमसे — तुम्हारे सारे सफ़े भर कर जाऊँगा,
कभी-कभी सब कुछ समझ में आ जाना सबसे बड़ी कमी होती है… और कभी-कभी सब कुछ समझ में आ जाना सबसे बड़ी कमी होती है… और
जवाब जिनके नहीं — वो सवाल मिले मुझको, ज़िंदगी भर कैसे-कैसे ख़्वाब मिले मुझको। उम्र भर वो कोई ... जवाब जिनके नहीं — वो सवाल मिले मुझको, ज़िंदगी भर कैसे-कैसे ख़्वाब मिले मुझ...
ये कैसे रास्ते हैं जो मुझे कहीं नहीं ले जा रहे,<br>मंज़िलें मुझे कभी नहीं चाहिए थीं,<br>मगर रास्तों ... ये कैसे रास्ते हैं जो मुझे कहीं नहीं ले जा रहे,<br>मंज़िलें मुझे कभी नहीं चाहिए ...
मेरे ख्वाब सब अधूरे रह गए एक भी पूरा नहीं हुआ। ख्वाब क्या थे, हसरतें थी सब हसरतें ही रह गई। मेरे ख्वाब सब अधूरे रह गए एक भी पूरा नहीं हुआ। ख्वाब क्या थे, हसरतें थी सब हसरते...
उसके कहने पे एक गुनाह और कर लिया हमने, भरी बज़्म में इश्क़ का इकरार कर लिया हमने। जो दरमियाँ था फ़ास... उसके कहने पे एक गुनाह और कर लिया हमने, भरी बज़्म में इश्क़ का इकरार कर लिया हमने।...
अब मैं तुम्हें याद नहीं करता... न उन राहों को... जहाँ तेरे कदमों की आहट थी। अब मैं तुम्हें याद नहीं करता... न उन राहों को... जहाँ तेरे कदमों की आहट थी।
<br>इस शहर में कर गुज़रने का कोई अरमान ही नहीं है,<br>आज़माइश को अब कोई इम्तिहान भी नहीं है।<b... <br>इस शहर में कर गुज़रने का कोई अरमान ही नहीं है,<br>आज़माइश को अब कोई इम...