RASHI SRIVASTAVA
Others
टूट सी जाती हूं जब भी
परिवार समेटता है मुझको
कामयाब होती हूं जब
अंबर पे चढ़ा देता मुझको
अस्तित्व, प्यार, जीवन मेरा
परिवार बिना मैं कुछ भी नहीं
हमसफ़र
इश्क
तन्हाइयां
हमारा क्या है
दिल भी तेरा ज...
हर नए साल यहा...
राखी का धागा
तब ज़माना बदल...
भाई का प्यार
सावधानी