STORYMIRROR

Abhishek Singh

Others

3  

Abhishek Singh

Others

माँ और भूख!

माँ और भूख!

1 min
446

पका, भोजन माँ उस रात,

भूखी रह गयी।

जिस रात मेरी भूख,

दो रोटी बढ़ गयी।


आज जब कभी,

भूख से तड़पता हूँ।

माँ की उस रात को,

महसूस करता हूँ।


और क्या कहूँ माँ!

तेरी याद में।

अब जब भी कभी,

भोजन करता हूँ,

तुझे याद करता हूँ।

माँ तुझे मैं बहुत प्यार करता हूँ!


Rate this content
Log in