STORYMIRROR

वादें और यादें

वादें और यादें

1 min
985


वादे और यादें ये दोनों वो हैं कि वादों को निभाना पड़ता है और यादों को संजो के जीना पड़ता है पर अच्छी यादें इंसान को आगे बढ़ाती है तो वही वादा खिलाफी इंसान के रिश्ते में खटास। तय करना इंसान के हाथ होता है कि वो अपनी ज़िंदगी को किन शर्तों पे जीता है। छोटी-सी ज़िन्दगी की अहमियत को समझिये और मुस्कुराकर हर परीक्षा को दीजिये। सफलता और असफलता हमारे हाथ नहीं। है तो बस शिद्दत से कर्म करना।


Rate this content
Log in