स्कूल की पहले दिन की स्मृति:
स्कूल की पहले दिन की स्मृति:
समय का पहिया कितनी तेजी से घूमता है इसका अहसास मुझे आज हुआ जब स्टोरी मिरर में यह टॉपिक लिखने के लिए देखा।
बात बहुत पुरानी है,मैं लाल प्राइमरी स्कूल में मैं पहली क्लास के लिए स्कूल गयी थी।
मैं शुरू से ही अपने आप मे सिमटकर और खामोश रहने वाली लड़की हुँ।जब पहली बार मैं माँ के साथ स्कूल गयी और क्लास में बिठा दिया फिर सबके साथ अच्छे से रहने की हिदायत देकर वह चली गयी।पहली बार घर से बाहर आने के कारण मैं बहुत डरी हुई थी।इधर उधर देखा तो सारे नए और अनजान चेहरे लेकिन वे भी सहमे हुए से थे।थोड़ी देर के बाद टीचर के आने पर हम सारे बच्चें एकदम चुप हो गए।जैसे ही उस दिन स्कूल की छुट्टी हुयी और मेंरे सामने माँ थी।माँ को देखते ही मैं खुश होकर हँसने लगी।
