Sangita Tripathi

Others


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Sangita Tripathi

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प्यार का रिश्ता

प्यार का रिश्ता

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इन लम्बे दिनों में कुछ दिल के रिश्ते बहुत याद आते हैं। कुछ ना कहने पर भी समझ जाना। पर रिश्तों में तो कह कह कर मर जाओ पर कोई सुनने या समझने को तैयार नहीं। दिल के रिश्तों का कोई नाम नहीं पर मजबूत बहुत होते। दिन भर काम के बाद कुछ पल सकून के चुराने पड़ते हैं अपने लिए...।और जब मन आहत होता तो। दिल करता काश वो मेरे पास होता। हर दिन सबको मानसिक रूप से भी मजबूत करना पड़ता है, पर मुझे कोई नहीं करता..। मैं खुद मन से मजबूत करती हूँ अपने को। नारी हूँ ना, परिवार को सुरक्षित रखना है 


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