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Shubhra Ojha

Others

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Shubhra Ojha

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पर्सनल स्पेस

पर्सनल स्पेस

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"सॉरी यार रिया, अब मुझे समझ में आ गया कि मैंने क्या ग़लत किया है, इसलिए अब तुम गुस्सा छोड़ो और यह अपना मोबाईल फ़ोन अपने पास रख लो।"

"नहीं रोहन, मुझे फ़ोन नहीं चाहिए। तुम अपने पास ही रखो।"

"रिया, तुम अभी तक गुस्सा हो। मैं आज के बाद कभी भी तुम्हारे हाथ से तुम्हारा मोबाईल फ़ोन नहीं लूँगा। अब मुझे समझ में आ गया है कि तुम्हें भी "पर्सनल स्पेस" मिलना चाहिए। तुम्हारे फ़ोन में मैसेज देखना, तुम्हारा ईमेल और तुम्हारा कॉल हिस्ट्री चेक करना, वो सब बहुत ग़लत था, अब मैं समझ गया हूं कि हर रिश्ते के पर्सनल स्पेस का सम्मान हर किसी को करना चाहिए।"


"अच्छा रोहन, तुम्हें इतना ज्ञान कहां से मिला ?"

"यार रिया, जब गुस्से में तुमने अपना फ़ोन मुझे दे दिया और ऑफ़िस चली गई तब मुझे एहसास हुआ कि मैंने कितना गलत किया और तुम्हारा दिल दुखा दिया। मेरे लिए तुम्हारे फ़ोन से ज्यादा जरूरी हमारा रिश्ता है, इसलिए फिर से सॉरी।"

"इट्स ओके रोहन, अगर सुबह का भूला शाम को घर वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते।"



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