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Usha Shrivastava

Others

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Usha Shrivastava

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कुत्ते की रोटी

कुत्ते की रोटी

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प्रतिदिन की तरह आज भी श्रद्धालु भक्त मन्दिर के बाहर कुत्तों को रोटियाँ डालने आया था! उसे देखकर मैले-कुचले कपड़ों में एक छोटा बच्चा बड़ी आशा से आकर उसके पास खड़ा हो गया और रोटी पाने के लिए हाथ बढ़ाया। भक्त ने यह कहकर कि रोटियाँ कुत्तों के लिए है तुम्हारे लिए नहीं और रोटियाँ फेंककर चला गया। इससे पहले कि कुत्ते रोटियों तक पहुंचे उन गिरी हुई रोटियों में से बच्चा दौड़ कर अपने लिए दो रोटी उठा लाया। बड़े संतुष्टि भाव से वह कुत्ते की रोटी खा रहा था ।  


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