काल एक साया
काल एक साया
हममें से अधिकांश लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा यह नहीं है कि हमने बहुत ऊंचा लक्ष्य चुना और हमारा निशाना चूक गया असली खतरा या है कि हमने बहुत आसान लक्ष्य चुना और उसे हासिल कर लिया
एक राजा था. वह राजा एक बार यात्रा पर जा रहा था.लंबी यात्रा थी.राजा को विदाई देने के लिये कई लोग जमा हुए.राजा के निकलने का समय हुआ.
इतने में राजा का एक करीबी दोस्त राजा के पास आया और कहने लगा.
'मैं तुम्हें सावधान करना चाहता हूं एक छोटे आदमी से, जो इस यात्रा के इस यात्रा के दरमियान तुम्हें मिलेगा और तुम्हें लड़ने की चुनौती देगा.तब तुम उस आदमी को जान से मारे बिना आगे मत जाना.
राजा के उस मित्र ने एक बार फिर आग्रह के साथ राजा से कहा,'देखो,भुलना नहीं, उस आदमी को मारे बिना आगे मत जाना'.
मित्र की यह सलाह साथ लेकर राजा यात्रा पर निकला. और मित्र ने ठीक ही बताया था .
दूसरे ही दिन एक घने जंगल में यात्रा की मुलाकात उस छोटे आदमी से हुई जो लगभग डेढ़ फुट का था .सीना तान कर वह राजा के सामने खड़ा हो गया और उसने राजा को लड़ने की चुनौती दे डाली .
राजा ने चुनौती स्वीकार की .लड़ाई शुरू हुई. लेकिन उस आदमी को हराने में राजा को देर नहीं लगी.
राजा को मित्र कि सलाह याद आई उस आदमी को जान से मारने की. लेकिन राजा की दयाशीलता जीत गई. और उस छोटे आदमी को जान से मारे बिना ही राजा आगे निकल पड़ा.
एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि वह छोटा आदमी राजा से फिर मिला.लेकिन इस बात उसकी लम्बाई बढ़ गई थी.
वह लगभग दो फुट का हो गया था. उसने राजा को पुनः लड़ने की चुनौती दी. राजा लड़ा. थोड़ी देर में वह छोटा आदमी फिर हार गया. राजा को दोस्त की सलाह याद आई. लेकिन राजा को लगा कि दो फुट के आदमी को मारने में कौनसी वीरता है. राजा आगे चला.
कुछ दिनों के बाद वही छोटा आदमी फिर से राजा के समक्ष उपस्थित हुआ. लेकिन इस बार वह ढ़ाई फुट का हो गया था. दोनों में लड़ाई हुई. राजा ही जीता.
लेकिन उस आदमी को राजा ने। इस बार भी जान से नहीं मारा. यह क्रम चलता रहा. वह छोटा आदमी एक निश्चित अंतराल पर राजा से मिलता रहा. लेकिन हर बार पहले से अधिक लंबा होकर.
और एक समय ऐसा है कि वह आदमी राजा के सामने आकर खड़ा हुआ तो वह राजा से अधिक लंबा हो चुका था
. हमेशा की तरह उसने राजा को लड़ने के लिए ललकारा. राजा को उस आदमी की लंबाई देखकर अपने मित्र की सलाह याद आई.
लेकिन उसकी लंबाई देखकर राजा डरा.राजा वीर था. लड़ाई प्रारंभ हुई.
लेकिन राजा के लिए यह लड़ाई आसान नहीं थी. राजा गंभीर रूप से घायल हो गया. लेकिन राजा ने हार नहीं मानी.
बहुत देर तक चली घनघोर लड़ाई के बाद अंत में राजा ने उस आदमी को मार डाला और राजा जीत गया.
सीख- राजा की जीत हुई लेकिन इतनी बड़ी कीमत देकर सयाना बनने वाले राजा से आपको क्या सीख मिलती है
यही कि रास्ते से गुजरते समय आपके सामने आने वाली बाधाओं का संपूर्ण नाश करते हुए ही आगे बढ़े जिसे वही बाधाएं ज्यादा बड़ी होकर आपके सामने आकर खड़ी ना हो सके..........
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि आप अपने रास्ते के कठीनाईयो/ मुश्किलों को शुरू में ही खत्म कर दें ताकि बाद में वे आपके लिए मुसीबत ना बन जाए
