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Chandresh Kumar Chhatlani

Others

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Chandresh Kumar Chhatlani

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अर्ध रात्रि की रौशनी

अर्ध रात्रि की रौशनी

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“बेटे पता है, नोर्वे में अर्ध रात्रि में भी सूर्य चमकता है”

“फिर तो पापा वहां चोरियाँ होती ही नहीं होंगी?”

“होती हैं बेटे, जब लोग पर्दे लगा कर सोते हैं तो सूर्य की रौशनी चोरों को ही रास्ता दिखाती है...”

उसे सहसा रात की गश्त के सिपाही याद आ गये।


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