STORYMIRROR

न्याय व्यवस्था डगमगा गई हैं खालीपन बैरोजगारी भूखमरी बढ़ रही हैं औरतों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं अस्तित्व पर भारी भावनाएं आहत करती हैं आगे बढ़ परचम लहराने निकली सबला हूं कर प्रकृति हमको चेताती बढ़ रहा ताप भूल है हमारी आज की नारी संकेतों से आभास विषैली वायु-नीर-धरा हिम्मत यादों का मंजर संभल सामूहिक तैयारी

Hindi बढ़ Poems