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भावनाएं आहत करती हैं हिस्सा सबला हूं ममता का आंचल भूल है हमारी यादों का मंजर पोषण संरक्षण सामूहिक तैयारी खालीपन खुशियां का दामन विषैली वायु-नीर-धरा बस आगे बढ़ परचम लहराने निकली संभल आगे बढ़ हिम्मत अस्तित्व पर भारी बढ़ रहा ताप आज की नारी औरतों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं

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