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संकेतों से आभास प्रकृति हमको चेताती सामूहिक तैयारी हिम्मत आज की नारी न्याय व्यवस्था डगमगा गई हैं पोषण संरक्षण भावनाएं आहत करती हैं परचम लहराने निकली बस आगे बढ़ संभल कर आगे बढ़ सबला हूं बैरोजगारी भूखमरी बढ़ रही हैं खालीपन हिस्सा औरतों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं ममता का आंचल भूल है हमारी

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