मिले न प्रेम प्रकाश मिले न प्रेम प्रकाश
दुनिया प्यार की दीवानी है। दुनिया प्यार की दीवानी है।
मानव की जब उभर अनुवांशिकता आती, दिखती हैं पाश्विक युद्ध की विभीषिकाएं। मानव की जब उभर अनुवांशिकता आती, दिखती हैं पाश्विक युद्ध की विभीषिकाएं।
ऊँगली थाम नेह से तुमको जनक ने चलना सिखलाया। ऊँगली थाम नेह से तुमको जनक ने चलना सिखलाया।
प्यार और सम्मान सबको हमें देना होगा ! प्यार और सम्मान सबको हमें देना होगा !
लेकिन प्रश्न फिर भी वही किस हेतु तन धारण किया ? लेकिन प्रश्न फिर भी वही किस हेतु तन धारण किया ?