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Rajiv Jiya Kumar

Others

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Rajiv Jiya Kumar

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यह भूमि मेरी===========

यह भूमि मेरी===========

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हर पल हर क्षण

जो कण कण

जीवन संवारती

न होने दे हैरां कभी

यह भूमि है मेरी।।

हर रूप रंग में

धूप हो या फिर

हसीन छांव मेें

न थकने दे वह कभी

यह भूमि है मेरी।।

दामन से लिपट उसके

सब सुख है पाया

भटक गया तो 

राह नया दिखाया

भरमाने न दिया कभी

यह भूमि है मेरी।।

संगी वह सदा सदा

गोद में उसके

वह सब पा लिया

जिसके लिए ईश ने भी

कई मानव जन्म जिया

साथ न छोङे यह कभी

यह भूमि है मेरी।।

सबको जीवन देने वाली

सब तरफ भर दे

लाली और हरियाली

मग्न मन करने वाली

यह भूमि है मेरी।।

     


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