STORYMIRROR

DrMousumi Parida

Others

2  

DrMousumi Parida

Others

यादों के मिश्री

यादों के मिश्री

1 min
315


यादों की मिठास

लिए गाँव जब

ज़हन में आता है 

होठों में हँसी मन में

मिश्री घुल जाती है ..


खेत से आम के पेड़ तक 

फूलों के बगीचे से 

दादी के पान बक्से तक

 

यादों की उन हरियाली

खेतों में 

ख़ुशियाँ लहराती है

परम्पराओं का गुलदस्ता लिए 

संस्कृति महकती है !


प्यार के तराने लिए 

दूर से कोई पास बुलाता है



Rate this content
Log in