वसंत ऋतु
वसंत ऋतु
आज दिन है देखो कितना सुहाना
यह तो मौसम है जाना पहचाना
जीवन में वसंत नई खुशियाँ लाते हैं
घर –आँगन खुशियों से महकाते हैं
इस वसंत को देख मन मेरा मुस्काए
हर जगह खुशहाली ही छा जाए
मिल गई अब तो सर्दी से राहत
इस मौसम की मुझे थी कब से चाहत
कोयल मीठे –मीठे गीत सुनाती
सब के दिल को बहुत ही हर्षाती
प्रकृति में फैली है खुशबू अपार
फूलों पर, पेड़ों पर, पत्तों पर
हाँ नए रंगों की खुशबू जैसे भरमार
कलकल करती नदियाँ बहती
दृढ़ विश्वास मन में है भरती
ठंडी ठंडी हवा निराली
बहती रहती जैसे हो मतवाली
फसलों से बढ़ता जाता प्यार
फसलें पक कर है अब कटने को तैयार
सरसों के पीले-पीले फूल
खिल खिल कर मुस्कुराते हैं
जीवन में वसंत नई खुशियाँ लाते हैं
घर –आँगन खुशियों से महकाते हैं।
