STORYMIRROR

Himanshu Jaiswal

Others

2  

Himanshu Jaiswal

Others

वो बेज़ुबान

वो बेज़ुबान

1 min
322

वह चिड़िया मुझसे कुछ कह रही थी शायद

पेड़ कट रहा था जिसपर वो रह रही थी शायद।


हमारा आशियाना तो कोई नहीं उजाड़ेगा

उसका तिनका तिनका बिखर रहा था शायद।


बोली तो समझ नहीं सकते हम उनकी मगर

पर लगा मुझे जैसे वो रो रही थी शायद।


कड़ी मेहनत लगी थी जिस घर को बनाने में

उसका वो छत अब छीन रहा था शायद।


पर हमें क्या फ़र्क पड़ता है उसके दुख-दर्द से

स्वार्थी इंसानों से उसे यही मिलना था शायद।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन