वक़्त
वक़्त
1 min
108
कल रात बेटे ने फोन पर कहा
माँ आप तो कह रही थी
कुंडली में ये समय अच्छा है
देखिए ना कितना टेंशन हो रही
मैंने समझाया उसे कुछ यूं
"बच्चे इसे अच्छा वक़्त ही कहेंगे
अपनी छत के नीचे पत्नी के साथ
दाल नून रोटी काम करते खा
रहे हो !"
उनसे पूछो जिनके सिर पर छत नहीं,
रोटी के भी जिनको लाले है पड़े!
अब बस राम नाम जपो और
सहजता से वक़्त गुजारो!
वो हँसा और बोला माँ आप भी ना
समझ गया मैं, बस अब रहने भी दो..
