Shailaja Bhattad
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वक्त के हाथों खुद को क्या सौंपा,
वक्त से बन गया हूं वक्त जैसा ।
वक्त ने उठाया ।
वक्त ने ही गिरने से बचाया।
वक्त के रहते ही।
अच्छा वक्त आया ।
वक्त पर वक्त ने समझा दिया।
अच्छे बुरे का मुझे भान दिया।
सत्संग
श्री राम
सबकी होली
जयश्री राम
ओम नमः शिवाय
श्री राम ध्या...
हे प्रभु
जय जय श्रीराम...
राम- भरत
श्री राम- भरत