Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Mukesh Bissa

Others

3  

Mukesh Bissa

Others

वक्त बीत रहा है

वक्त बीत रहा है

1 min
119


लाइफ में पैसे कमाने में

फिर उसे गंवाने में

वक्त बीत रहा है।


रुतबा अपना बढ़ाने में

अखबारों में छाने में

वक्त बीत रहा है।


आदर्शवादी बनने में

उदाहरण पेश करने में

वक्त बीत रहा है।


सारे रिश्तेदारी निभाने में

मूर्खता ही करने में

वक्त बीत रहा है।


पत्नी को बहलाने में

फरमाईश पूरी करने में

वक्त बीत रहा है।


वाट्सअप से ज्ञान देने में

फेसबुक पर पोस्ट करने में

वक्त बीत रहा हैं।


जीवन की आपाधापी में

तजुर्बा कमाने में

वक्त बीत रहा है।


घर से आँफिस में

ऑफ़िस से घर आने में

वक्त बीत रहा है।


कविताएं लिखने में

अखबारों में छपवाने में

वक्त बीत रहा है।



Rate this content
Log in