STORYMIRROR

Supriya Devkar

Others

3  

Supriya Devkar

Others

टूटी यादें

टूटी यादें

1 min
162

टूटी यादों को संजोने से 

क्या हासिल होगा अब 

दर्द की लकीर हमेशा 

साथ रहेगी जब 


तिनका तिनका यादों का 

हरदम दिल को रूलाएगा 

नये सपनों से दूर करके 

सपनों को चूर चूर कराएगा


क्यूं रखना ऐसी यादें 

जो खुशी से जीने ना दे 

नये खयालों को दूर कर 

जीवन में आगे बढ़ने ना दे 


पुरानी सोच को बदलो प्यारे 

खयालों से निकलो बाहर 

टूटी यादों के बंधन से 

निकालो खुद को इसी प्रहर। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन