तन्हा सफर
तन्हा सफर
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रात तन्हा चाँद तन्हा,रास्ता तन्हा मिला
हम सफर पर निकले,हर कोई तन्हा मिला।
तन्हा तन्हा सा गगन,तन्हा तन्हा सा पवन,
तन्हा तन्हा सा चमन,तन्हा सूरज की तपन।
चाहतों की डोर बँधी, जो मिला तन्हा मिला।
हम सफर पर निकले,हर कोई तन्हा मिला
रात तन्हा चाँद तन्हा,रास्ता तन्हा मिला।
तन्हा मन की डगर, तन्हा तन का सफर,
तन्हा बादल की खबर, तन्हा सागर का नगर,
ऐ खुदा कैसा ये मंज़र,हर कोई तन्हा मिला।
हम सफर पर निकले,हर कोई तन्हा मिला,
रात तन्हा चाँद तन्हा,रास्ता तन्हा मिला।
