तेरी तलाश में
तेरी तलाश में
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बहुत दूर निकल चुकी हूँ
दुनियाँ के अनचाहे शोर से
लोगों के मतलब भरे रिश्तों से
अनचाहे लगाव से,
अवांछित भावनाओं की भीड़ से
सिर्फ मतलब भरे अंदाज से
सुकून देती है बस तेरी रहमत मुझे
विश्वास व भरोसा है तेरी अनुकम्पा का मुझे
बस इसी सतत प्रयास में हूँ मैं
और इसी तलाश में हूँ मैं ।।
