STORYMIRROR

Kamal Purohit

Others

2  

Kamal Purohit

Others

तेरे लिए

तेरे लिए

1 min
151

मौजों की खुशनुमा ये रवानी तेरे लिए।

आई बसंती रुत भी सुहानी तेरे लिए।


किरदार तेरा कैसा लगा पढ़ के ये बता।

मैंने लिखी है एक कहानी तेरे लिए।


चूड़ी बना तुझे मैं पहनने को रोज दूँ।

लाया खरीद के मैं तिहानी तेरे लिए।


कह दूँ में आज राज की बातें वो सब तुम्हें।

दिल में छुपा रखी जो पिहानी तेरे लिए।


हर जन्म में यही मैं "कमल" सोचता रहा।

ये जिंदगी मुझे है चलानी तेरे लिए।


Rate this content
Log in