सुकून
सुकून
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आंखें बंद
चट्टानी ज़ज्बात
सुकून में लिपटी...
वो कहानी ..
वो अनसनी....
अनकही...
फ़िर भी...
सुनाई जा रही है...
वो धारा है...
वो एहसास है...
वो ख्वाब है..
परिंदों सा उड़ना नहीं उसे..
बस रास्तों की तलाश में निकल...
बहना है....
और बहते जाना है...
