STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Children Stories

4  

Kanchan Prabha

Children Stories

सोन चिरैया

सोन चिरैया

1 min
357

कंचन सा रूप दमकता 

इत्र सा देह महकता

पथ का राही जो भी गुजरे

ये काया देख बहकता

सोन चिरैया मदमस्त सी

छम छम करके नाच दिखाती

कोई छुए हाँथ से उसको

झट फुदक फुदक उड़ जाती

बैठी ऊँची डाल पे उड़ कर 

रहती प्रकृति से वो जुड़ कर 

पुछे जब कोई नाम जो उसका

चिं चिं मीठी बोली जिसका 

बंधन कोई ना उसको भाता

पिंजड़े में तो जी धबराता

वर्षा में भी खूब नहाये 

दाना बिन बिन चुग्ती जाये

कभी किसी के छत पर चढ़ती

कभी मुंडेरों के ऊपर भी बढ़ती

ना गिरने का भय समाये

उड़ उड़ कर के गाना गाये

कितनी प्यारी सोन चिरैया

तुम भी नाचो ता ता थैया!



Rate this content
Log in