Shailaja Bhattad
Others
जब लगे ठहर गया है मन,
समझ लेना तेरा संवर गया है कण-कण।
जब चलने लगें तेरी सांसे,
जान लेना तब
जिंदगी बुला रही है तुझे
फैलाए अपनी बाहें।
शिव-शिव
सत्संग
श्री राम
सबकी होली
जयश्री राम
ओम नमः शिवाय
श्री राम ध्या...
हे प्रभु
जय जय श्रीराम...
राम- भरत