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Shailaja Bhattad

Others

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Shailaja Bhattad

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संवर गया

संवर गया

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जब लगे ठहर गया है मन,

समझ लेना तेरा संवर गया है कण-कण।

जब चलने लगें तेरी सांसे,

जान लेना तब

जिंदगी बुला रही है तुझे

फैलाए अपनी बाहें।


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