स्नेही द्वार
स्नेही द्वार
सादा जीवन उच्च विचार
सब के प्रति सद्व्यवहार
संघर्ष साधन है अंत नहीं
जीवन का गंतव्य नहीं
स्नेह का अनमोल द्वार
आर्शिवादो का भंडार
इंगित हर स्थिति स्वीकार
अतीत की सुहानी झंकार
वर्तमान जीने का अधिकार
भविष्य की ओर करे पुकार
अटल रहकर सहे कितने प्रहार
छत्रछाया में पाले परिवार
कंधों पर सम्बन्धों का भार
समझे समझाए जीवन सार
संघर्ष के जितने प्रकार
उतने ही संसारिक व्यवहार
फिर भी व्यर्थ भावना नकार
संघर्षों से माने न हार
मानव से महामानव बनने की प्रक्रिया में
मामूली से ख़ास करने की क्रिया में
ऐसे स्नेही के संघर्ष का आर न पार
जिसके लिए उमड़े स्नेह बार बार।
