STORYMIRROR

अनूप सिंह चौहान ( बब्बन )

Others

2  

अनूप सिंह चौहान ( बब्बन )

Others

समय अंतराल

समय अंतराल

1 min
160

अंतराल अतीत अब परे हटता नहीं

बहानों में समय अब कटता नहीं

सत्य निष्ठा राष्ट्र भक्ति का गुण

मनुष्यों में अब तो दिखता नहीं

प्रेम समर्पण त्याग स्वयं जो

विचरण भारत भूमि पर करते

अब विचारों में भी उनको

स्थान यहां मिलता नहीं



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from अनूप सिंह चौहान ( बब्बन )