स्मरण
स्मरण
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याद भूले बिसरो की,
आचरण श्रद्धा और प्रेम का,
समर्पण जीवन से मृत्युपर्यंत का।
धारण कर आशीर्वाद की माला।।
हृदय के एक कोने से,
नमन सत्कार और सिम कृपा से
मनन शत शत बार स्वीकृत कर
पूर्ण इस प्रकार विधि श्राद्ध की करें।।
