STORYMIRROR

ananya rai

Others

3  

ananya rai

Others

श्री कृष्ण

श्री कृष्ण

1 min
220

प्रिय कृष्ण को मेरा प्रणाम मिले 

जहाँ प्रीति अथाह भरी हुई है।


धनवान हो या कि हो निर्धन ही

सबके लिए भक्ति भरी हुई है।


अपना लिया है जिसको हरि ने 

उसकी गति भी सुधरी हुई है।


प्रभु की तो रही है अनंत कृपा 

मुरली अधरों पे धरी हुई है 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन